रविवार, 27 सितंबर 2020
बुधवार, 23 सितंबर 2020
मुक्तक
रिहायशी नहीं मेरा दिल कोई आए और बस जाये,
कोई तो हो सनम वो जो मेरी आहट समझ जाये |
जमीं से अर्श तक ढूंढो कोई #रफ्तार ऐसी हो -
जो मेरे इश्क़ की परवाज से आगे निकल जाये ||
मंगलवार, 25 अगस्त 2020
दिल से आह जो निकले खुदा गमगीन हो जाये,
अदावत हो किसी से गर मोहब्बत उससे हो जाये |
दुआओं में मेरे इतना असर रखना मेरे मौला-
हाथ उठ जाए गर ऊपर रहम की बरखा हो जाये ||
शिकायत गर करूँ मशहूर हो जाऊँ जमाने में,
सितम करके भी रुतबा उनका बढ़ता दिल दुखाने में |
करूँ अब क्या कि मैं मकसूद उनसे खामखा ही हूँ -
हम दिल थामे ही प्यासे हैं भरे इस मयखाने में ||
©®
मंगलवार, 14 जुलाई 2020
मुक्तक
सहज ही है किसी का रूठ जाना |
खिलके फूलों का फिर सूख जाना |
राह मिलती नही सुकूं की यूं ही -
पड़ता है उसके लिए भी कभी टूट जाना |
सफर कठिन है राह भी कांटो भरी |
दिन हैं कम जीवन है रातों भरी |
कुछ नहीं है जी लो जब तक जान -
कब निकल जाए ये उमर की चारों घरी |
मुक्तक
ये इंतज़ार मेरे मौला कुछ ज्यादा ही हो गया |
उसके दर्द का आलम-ए-इरादा ही हो गया |
अर्जी तेरे दरबार में थी लगाई उसने हर बार-
पर रहमगर वो तेरे हाथ का प्यादा ही हो गया |
तू देख तो सही कभी इन्सां की नजर से |
बच जा अगर बच सकता है अपनों के जहर से |
तू समझे क्या पीर उस दुखिया का सुन बता -
जब लगती है कोई चोट इस छोटे से जिगर पे |
सब बंदे हैं तेरे ऐसा हम सुनते आये हैं |
तेरे दर पर बन सौदाई सजदा करते आये हैं |
अब कर दे रहम टूट गया है बाँध सब्र का -
तुझसे लेके ही जाएंगे जो अब लेने आये हैं |
मंगलवार, 30 जून 2020
मुक्तक
तेरा ही तो ये बेहतरीन हुनर मुझमें आया है
खुदगर्ज हर शै के साथ तूने जीना सिखाया है
तेरी याद ही तो मेरे हर मर्ज की दवा है मां
तेरे लिए ही ये नासाज-ए-दिल भी मुस्काया है
गुरुवार, 18 जून 2020
तुम फिर याद आओगे
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तुम फिर याद आओगे
तुम्हे जाना है हमसे दूर बेशक चले जाओ
अपनी नई दुनिया नया सपना सजाओ
लेकिन उठके सुबह जब मेरा नाम बुलाओगे
याद करोगे तुम भी हमें #तुम फिर याद आओगे।
लोग तो बोलते हैं कुछ कुछ कहां तक सुनोगे
कब तलक मेरी खताओं का ताना बाना बुनोगे
रूठकर खुद से जब खुद नजरें चुराओगे
तड़पोगे मेरे बिन हमें #तुम फिर याद आओगे।
सिकन नाकामियों की जब भी होगी चेहरे पर
कोई न होगा रोने को सर किसी कांधे पर
सहारा मेरे कांधे का फिर कहां पाओगे
नाकामियों में भी मेरी #तुम फिर याद आओगे।
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